क्रियाप्रबन्धादयमध्वराणा-
मजस्रमाहूतसहस्रनेत्रः ।
शच्याश्चिरं पाण्डुकपोललम्बा-
न्मन्दारशून्यानलकांश्चकार ॥
क्रियाप्रबन्धादयमध्वराणा-
मजस्रमाहूतसहस्रनेत्रः ।
शच्याश्चिरं पाण्डुकपोललम्बा-
न्मन्दारशून्यानलकांश्चकार ॥
मजस्रमाहूतसहस्रनेत्रः ।
शच्याश्चिरं पाण्डुकपोललम्बा-
न्मन्दारशून्यानलकांश्चकार ॥
अन्वयः
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अयम् अध्वराणां क्रियाप्रबन्धात् अजस्रम् आहूतसहस्रनेत्रः सन् शच्याः पाण्डुकपोललम्बान् अलकान् चिरं मन्दारशून्यान् चकार ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
क्रियेति॥ अयं परंतपोऽध्वराणां क्रतूनां क्रियाप्रबन्धादनुष्ठानसातत्यात्, अविच्छिन्नादनुष्ठानादित्यर्थः। अजस्रं नित्यमाहूतसहस्रनेत्रः सन्, चिरं शच्या अलकान् पाण्डुकपोलयोर्लम्बान्स्रस्तान्। पचाद्यच्। मन्दारैः कल्पद्रुमकुसुमैः शून्यांश्चकार। प्रोषितभर्तृका हि केशसंस्कारं न कुर्वन्ति।
प्रोषिते मलिना कृशा इति क्रीडां शरीरसंस्कारं समाजोत्सवदर्शनम्। हास्यं परगृहे यानं त्यजेत्प्रोषितभर्तृका॥ (याज्ञ.१।३।८४) इति च स्मरणात् ॥
Summary
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"By continuously performing sacrifices, this king constantly summons Indra. As a result, for a long time, he has made the curls of hair on Shachi's pale cheeks devoid of Mandara flowers, as Indra is kept away from heaven."
सारांश
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इनके निरंतर यज्ञों के कारण इंद्र को स्वर्ग छोड़कर बार-बार धरती पर आना पड़ता था, जिससे इंद्राणी शची के केश मंदार पुष्पों से रहित हो गए और वियोग में उनके कपोल पीले पड़ गए।
पदच्छेदः
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| क्रियाप्रबन्धात् | क्रिया–प्रबन्ध (५.१) | due to the continuous performance of rituals |
| अयम् | इदम् (१.१) | this one |
| अध्वराणाम् | अध्वर (६.३) | of sacrifices |
| अजस्रम् | अजस्रम् | constantly |
| आहूतसहस्रनेत्रः | आहूत–सहस्रनेत्र (१.१) | who has summoned the thousand-eyed one (Indra) |
| शच्याः | शची (६.१) | of Shachi |
| चिरम् | चिरम् | for a long time |
| पाण्डुकपोललम्बान् | पाण्डु–कपोल–लम्ब (२.३) | hanging on pale cheeks |
| मन्दारशून्यान् | मन्दार–शून्य (२.३) | devoid of Mandara flowers |
| अलकान् | अलक (२.३) | curls of hair |
| चकार | चकार (√कृ कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | he made |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क्रि | या | प्र | ब | न्धा | द | य | म | ध्व | रा | णा |
| म | ज | स्र | मा | हू | त | स | ह | स्र | ने | त्रः |
| श | च्या | श्चि | रं | पा | ण्डु | क | पो | ल | ल | म्बा |
| न्म | न्दा | र | शू | न्या | न | ल | कां | श्च | का | र |
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