तस्यान्वये भूपतिरेष जातः
प्रतीप इत्यागमवृद्धसेवी ।
येन श्रियः संश्रयदोषरूढं
स्वभावलोलेत्ययशः प्रमृष्टम् ॥
तस्यान्वये भूपतिरेष जातः
प्रतीप इत्यागमवृद्धसेवी ।
येन श्रियः संश्रयदोषरूढं
स्वभावलोलेत्ययशः प्रमृष्टम् ॥
प्रतीप इत्यागमवृद्धसेवी ।
येन श्रियः संश्रयदोषरूढं
स्वभावलोलेत्ययशः प्रमृष्टम् ॥
अन्वयः
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तस्य अन्वये आगमवृद्धसेवी प्रतीपः इति एषः भूपतिः जातः, येन श्रियः 'स्वभावलोला' इति संश्रयदोषरूढम् अयशः प्रमृष्टम्।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तस्येति॥ आगमवृद्धसेवी श्रुतवृद्धसेवी प्रतीप इति। ख्यात इति शेषः। एष भूपतिस्तस्य कार्तवीर्यस्यान्वये वंशे जातः। येन प्रतीपेन संश्रयस्याश्रयस्य पुंसो दोषैर्व्यसनादिभी रूढमुत्पन्नं श्रियः संबन्धि स्वभावलोला प्रकृतिचञ्चलेत्येवंरूपमयशो दुष्कीर्तिः प्रमृष्टं निरस्तम्। दुष्टाश्रयत्यागशीलायाः श्रियः प्रकृतिचापलप्रवादो मूढजनपरिकल्पित इत्यर्थः। अयं तु दोषराहित्यान्न कदाचिदपि श्रिया त्यज्यत इति भावः ॥
Summary
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In his (Kartavirya's) lineage was born this king named Pratipa, a servant of scriptures and elders. By him, the infamy of the Goddess of Fortune—that she is fickle by nature, a reputation arising from the flaws of those she associates with—was wiped away.
सारांश
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इस वंश में शास्त्रों के ज्ञाता राजा प्रतीप उत्पन्न हुए, जिन्होंने अपने स्थिर स्वभाव से लक्ष्मी की चंचलता के कलंक को मिटा दिया।
पदच्छेदः
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| तस्य | तद् (६.१) | in his |
| अन्वये | अन्वय (७.१) | in the lineage |
| भूपतिः | भूपति (१.१) | a king |
| एषः | एतद् (१.१) | this |
| जातः | जात (√जन्+क्त, १.१) | was born |
| प्रतीपः | प्रतीप (१.१) | Pratipa |
| इति | इति | thus |
| आगमवृद्धसेवी | आगम–वृद्ध–सेविन् (१.१) | one who serves the scriptures and the elders |
| येन | यद् (३.१) | by whom |
| श्रियः | श्री (६.१) | of the goddess of fortune |
| संश्रयदोषरूढम् | संश्रय–दोष–रूढ (२.१) | arisen from the fault of her associations |
| स्वभावलोला | स्वभाव–लोला (१.१) | fickle by nature |
| इति | इति | thus |
| अयशः | अयशस् (२.१) | infamy |
| प्रमृष्टम् | प्रमृष्ट (प्र√मृज्+क्त, १.१) | was wiped away |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्या | न्व | ये | भू | प | ति | रे | ष | जा | तः |
| प्र | ती | प | इ | त्या | ग | म | वृ | द्ध | से | वी |
| ये | न | श्रि | यः | सं | श्र | य | दो | ष | रू | ढं |
| स्व | भा | व | लो | ले | त्य | य | शः | प्र | मृ | ष्टम् |
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