सा शूरसेनाधिपतिं सुषेण-
मुद्दिश्य लोकान्तरगीतकीर्तिम् ।
आचारशुद्धोभयवंशदीपं
शुद्धान्तरक्ष्या जगदे कुमारी ॥
सा शूरसेनाधिपतिं सुषेण-
मुद्दिश्य लोकान्तरगीतकीर्तिम् ।
आचारशुद्धोभयवंशदीपं
शुद्धान्तरक्ष्या जगदे कुमारी ॥
मुद्दिश्य लोकान्तरगीतकीर्तिम् ।
आचारशुद्धोभयवंशदीपं
शुद्धान्तरक्ष्या जगदे कुमारी ॥
अन्वयः
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शुद्धान्तरक्ष्या (सुनन्दया) लोकान्तरगीतकीर्तिम् आचारशुद्धोभयवंशदीपं शूरसेनाधिपतिं सुषेणम् उद्दिश्य सा कुमारी जगदे।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
सेति॥ लोकान्तरे स्वर्गादावपि गीतकीर्तिमाचारेण शुद्धयोरुभयोवंशयोर्मातापितृकुलयोर्दीपं प्रकाशकम्।
उभयवंशइत्यत्रोभयपक्षवन्निर्वाहः। शूरसेनानां देशानामधिपतिं सुषेणं नाम नृपतिमुद्दिश्याभिसंधाय शुद्धान्तरक्ष्याऽन्तःपुरपालिकया। कर्मण्यण् (अष्टाध्यायी ३.२.१ ) । टिड्ढाणञ्- (अष्टाध्यायी ४.१.१५ ) इति ङीप्। सा कुमारी जगदे ॥
Summary
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The princess (Indumati) was then addressed by the harem guard (Sunanda), who pointed towards Sushena, the lord of the Shurasenas, whose fame was sung in other worlds and who was a lamp to both his maternal and paternal lineages, purified by his conduct.
सारांश
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इसके पश्चात सुनंदा ने शूरसेन के राजा सुषेण की ओर संकेत किया, जिनकी कीर्ति अन्य लोकों में भी गायी जाती है और जो दोनों कुलों के दीपक हैं।
पदच्छेदः
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| सा | तद् (१.१) | she |
| शूरसेनाधिपतिम् | शूरसेन–अधिपति (२.१) | the lord of the Shurasenas |
| सुषेणम् | सुषेण (२.१) | Sushena |
| उद्दिश्य | उद्दिश्य (उद्√दिश्+ल्यप्) | pointing to |
| लोकान्तरगीतकीर्तिम् | लोकान्तर–गीत–कीर्ति (२.१) | whose fame is sung in other worlds |
| आचारशुद्धोभयवंशदीपम् | आचार–शुद्ध–उभय–वंश–दीप (२.१) | the lamp of both families, pure in conduct |
| शुद्धान्तरक्ष्या | शुद्धान्त–रक्ष्या (३.१) | by the guard of the royal harem |
| जगदे | जगदे (√गद् भावकर्मणोः लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was spoken to |
| कुमारी | कुमारी (१.१) | the princess |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सा | शू | र | से | ना | धि | प | तिं | सु | षे | ण |
| मु | द्दि | श्य | लो | का | न्त | र | गी | त | की | र्तिम् |
| आ | चा | र | शु | द्धो | भ | य | वं | श | दी | पं |
| शु | द्धा | न्त | र | क्ष्या | ज | ग | दे | कु | मा | री |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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