यमात्मनः सद्मनि संनिकृष्टो
मन्द्रध्वनित्याजितयामतूर्यः ।
प्रासादवातायनदृश्यवीचिः
प्रबोधयत्यर्णव एव सुप्तम् ॥
यमात्मनः सद्मनि संनिकृष्टो
मन्द्रध्वनित्याजितयामतूर्यः ।
प्रासादवातायनदृश्यवीचिः
प्रबोधयत्यर्णव एव सुप्तम् ॥
मन्द्रध्वनित्याजितयामतूर्यः ।
प्रासादवातायनदृश्यवीचिः
प्रबोधयत्यर्णव एव सुप्तम् ॥
अन्वयः
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संनिकृष्टः मन्द्रध्वनित्याजितयामतूर्यः प्रासादवातायनदृश्यवीचिः अर्णवः एव आत्मनः सद्मनि सुप्तं यं प्रबोधयति।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
यमिति॥ आत्मनः सद्मनि सुप्तं यं हेमाङ्गदं संनिकृष्टः समीपस्थोऽत एव प्रासादवातायनैर्द्दश्यवीचिर्मन्द्रेण गम्भीरेण।
मन्द्रस्तु गम्भीरे इत्यमरः (अमरकोशः १.७.२ ) । ध्वनिना त्याजितं विवर्जितं यामस्य तूर्यं प्रहरावसानसूचकं वाद्यं येन स तथोक्तः। द्वौ यामप्रहरौ समौ इत्यमरः (अमरकोशः १.४.७ ) । अर्णव एव प्रबोधयति। अर्णवस्यैव तूर्यकार्यकारित्वात्तद्वैयर्थ्यमित्यर्थथः। समुद्रस्यापि सेव्यः किमन्येषामिति भावः ॥
Summary
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The ocean itself, being nearby, awakens this sleeping king in his palace. Its waves are visible from the palace windows, and its deep roar renders the trumpets that mark the watches of the night unnecessary.
सारांश
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समुद्र की लहरें इनके महल के झरोखों से दिखती हैं और उन लहरों का गंभीर स्वर ही प्रातःकाल इन्हें निद्रा से जगाने का कार्य करता है।
पदच्छेदः
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| यम् | यद् (२.१) | whom |
| आत्मनः | आत्मन् (६.१) | his own |
| सद्मनि | सद्मन् (७.१) | in the palace |
| संनिकृष्टः | संनिकृष्ट (सम्+नि√कृष्+क्त, १.१) | nearby |
| मन्द्रध्वनित्याजितयामतूर्यः | मन्द्र–ध्वनि–त्याजित–याम–तूर्य (१.१) | whose deep roar makes the watch-trumpets redundant |
| प्रासादवातायनदृश्यवीचिः | प्रासाद–वातायन–दृश्य–वीचि (१.१) | whose waves are visible from the palace windows |
| प्रबोधयति | प्रबोधयति (प्र√बुध् +णिच् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | awakens |
| अर्णवः | अर्णव (१.१) | the ocean |
| एव | एव | itself |
| सुप्तम् | सुप्त (√स्वप्+क्त, २.१) | who is sleeping |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| य | मा | त्म | नः | स | द्म | नि | सं | नि | कृ | ष्टो |
| म | न्द्र | ध्व | नि | त्या | जि | त | या | म | तू | र्यः |
| प्रा | सा | द | वा | ता | य | न | दृ | श्य | वी | चिः |
| प्र | बो | ध | य | त्य | र्ण | व | ए | व | सु | प्तम् |
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