सेनानिवेशान्पृथिवीक्षितोऽपि
जग्मुर्विभातग्रहमन्दभासः ।
भोज्यां प्रति व्यर्थमनोरथत्वा-
द्रूपेषु वेशेषु च साभ्यसूया ॥
सेनानिवेशान्पृथिवीक्षितोऽपि
जग्मुर्विभातग्रहमन्दभासः ।
भोज्यां प्रति व्यर्थमनोरथत्वा-
द्रूपेषु वेशेषु च साभ्यसूया ॥
जग्मुर्विभातग्रहमन्दभासः ।
भोज्यां प्रति व्यर्थमनोरथत्वा-
द्रूपेषु वेशेषु च साभ्यसूया ॥
अन्वयः
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व्यर्थ-मनोरथत्वात् भोज्याम् प्रति रूपेषु वेशेषु च स-अभ्यसूयाः, विभात-ग्रह-मन्द-भासः पृथिवीक्षितः अपि सेना-निवेशान् जग्मुः ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
सेनेति॥ भोजस्य राज्ञो गोत्रापत्यं स्त्री भोज्या तामिन्दुमतीं प्रति व्यर्थमनोरथत्वाद्रूपेष्वाकृतिषु वेशेषु नेपथ्येषु च साभ्यसूया वृथेति निन्दन्तः। किंच विभाते प्रातःकाले ये ग्रहाश्चन्द्रादयस्त इव मन्दभासः क्षीणकान्तयः पृथिवीक्षितो नृपा अपि सेनानिविशान् शिबिराणि जग्मुः ॥
Summary
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The other kings, their desires for the princess of Bhoja (Indumati) having been thwarted, departed from their camps. Their splendor dimmed like planets at dawn, and they were filled with envy towards Aja's beauty and attire.
सारांश
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अन्य राजागण, इन्दुमती को न पा सकने के कारण अपने रूप और वेशभूषा से चिढ़ते हुए, प्रभात के फीके पड़ते नक्षत्रों के समान कान्तिहीन होकर अपने-अपने शिविरों की ओर चले गए।
पदच्छेदः
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| सेनानिवेशान् | सेना–निवेश (२.३) | from their camps |
| पृथिवीक्षितः | पृथिवीक्षित् (१.३) | the kings |
| अपि | अपि | also |
| जग्मुः | जग्मुः (√गम् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | departed |
| विभातग्रहमन्दभासः | विभात–ग्रह–मन्द–भास् (१.३) | whose splendor was dimmed like planets at dawn |
| भोज्याम् | भोज्या (२.१) | the princess of Bhoja |
| प्रति | प्रति | towards |
| व्यर्थमनोरथत्वात् | व्यर्थ–मनोरथत्व (५.१) | due to their desires being thwarted |
| रूपेषु | रूप (७.३) | at his beauty |
| वेषेषु | वेष (७.३) | at his attire |
| च | च | and |
| साभ्यसूयाः | स–अभ्यसूया (१.३) | filled with envy |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| से | ना | नि | वे | शा | न्पृ | थि | वी | क्षि | तो | ऽपि |
| ज | ग्मु | र्वि | भा | त | ग्र | ह | म | न्द | भा | सः |
| भो | ज्यां | प्र | ति | व्य | र्थ | म | नो | र | थ | त्वा |
| द्रू | पे | षु | वे | शे | षु | च | सा | भ्य | सू | या |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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