सां निध्ययोगात्किल तत्र शच्याः
स्वयंवरक्षोभकृतामभावः ।
काकुत्स्थमुद्दिश्य समत्सरोऽपि
शशाम तेन क्षितिपाललोकः ॥
सां निध्ययोगात्किल तत्र शच्याः
स्वयंवरक्षोभकृतामभावः ।
काकुत्स्थमुद्दिश्य समत्सरोऽपि
शशाम तेन क्षितिपाललोकः ॥
स्वयंवरक्षोभकृतामभावः ।
काकुत्स्थमुद्दिश्य समत्सरोऽपि
शशाम तेन क्षितिपाललोकः ॥
अन्वयः
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किल तत्र शच्याः सांनिध्य-योगात् स्वयंवर-क्षोभ-कृताम् अभावः (आसीत्) । तेन काकुत्स्थम् उद्दिश्य स-मत्सरः अपि क्षितिपाल-लोकः शशाम ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
सांनिध्येति॥ तत्र स्वयंवरक्षेत्रे शच्या इन्द्राण्या। संनिधइरेव सांनिध्यम्। तस्य योगात्सद्भावाद्धेतोः स्वयंवरस्य क्षोभकृतां विघ्नकारिणामभावः किस।
किलइति स्वयंवरविघातकाः शच्या विनाश्यन्त इत्यागमसूचनार्थम्। तेन हेतुना काकुत्स्थमजमुद्दिश्य समत्सरोऽपि सवैरोऽपि क्षितिपाललोकः शशाम नाक्षुभ्यत् ॥
Summary
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Indeed, due to the (invisible) presence of Shachi, Indra's wife, there were no troublemakers at the svayamvara. For this reason, the assembly of kings, though jealous of the descendant of Kakutstha (Aja), remained subdued.
सारांश
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इन्द्राणी की साक्षात् उपस्थिति के प्रभाव से वहाँ स्वयंवर में कोई विघ्न नहीं हुआ। यद्यपि राजागण अज से ईर्ष्या कर रहे थे, तथापि उनका क्रोध शांत हो गया।
पदच्छेदः
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| सांनिध्ययोगात् | सांनिध्य–योग (५.१) | Due to the proximity |
| किल | किल | Indeed |
| तत्र | तत्र | there |
| शच्याः | शची (६.१) | of Shachi |
| स्वयंवरक्षोभकृताम् | स्वयंवर–क्षोभ–कृत् (६.३) | of those who would create disturbance at the svayamvara |
| अभावः | अभाव (१.१) | there was an absence |
| काकुत्स्थम् | काकुत्स्थ (२.१) | the descendant of Kakutstha (Aja) |
| उद्दिश्य | उद्दिश्य (उद्√दिश्+ल्यप्) | towards |
| समत्सरः | स–मत्सर (१.१) | jealous |
| अपि | अपि | even though |
| शशाम | शशाम (√शम् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was subdued |
| तेन | तद् (३.१) | Because of that |
| क्षितिपाललोकः | क्षितिपाल–लोक (१.१) | the assembly of kings |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सां | नि | ध्य | यो | गा | त्कि | ल | त | त्र | श | च्याः |
| स्व | यं | व | र | क्षो | भ | कृ | ता | म | भा | वः |
| का | कु | त्स्थ | मु | द्दि | श्य | स | म | त्स | रो | ऽपि |
| श | शा | म | ते | न | क्षि | ति | पा | ल | लो | कः |
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