पूर्वं प्रहर्ता न जघान भूयः
प्रतिप्रहाराक्षममश्वसादी ।
तुरंगमस्कन्धनिषण्णदेहं
प्रत्याश्वसन्तं रिपुमाचकाङ्क्ष ॥
पूर्वं प्रहर्ता न जघान भूयः
प्रतिप्रहाराक्षममश्वसादी ।
तुरंगमस्कन्धनिषण्णदेहं
प्रत्याश्वसन्तं रिपुमाचकाङ्क्ष ॥
प्रतिप्रहाराक्षममश्वसादी ।
तुरंगमस्कन्धनिषण्णदेहं
प्रत्याश्वसन्तं रिपुमाचकाङ्क्ष ॥
अन्वयः
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अश्व-सादी पूर्वम् प्रहर्ता (भूत्वा) प्रति-प्रहार-अक्षमम्, तुरंगम-स्कन्ध-निषण्ण-देहम्, प्रति-आश्वसन्तम् रिपुम् भूयः न जघान, (अपितु) आचकाङ्क्ष।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
पूर्वमिति॥ पूर्वं प्रथमं प्रहर्ताऽश्वसादी तौरंगिकः प्रतिहारेऽक्षममशक्तं तुरंगमस्कन्धे निषण्णदेहम्। मूर्च्छितमित्यर्थः। रिपुं भूयो न जघान पुनर्न प्रजहार। किंतु प्रत्याश्वसन्तं पुनरुज्जीवन्तमाचकाङ्क्ष।
नायुधव्यसनं प्राप्तं नार्तं नातिपरिक्षतम्(मनु.७।९३) इति निषेधादिति भावः ॥
Summary
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A horse-rider, having struck his enemy first, did not strike again while the foe was incapable of retaliating. Instead, he waited for his enemy, whose body was slumped over his horse's shoulder, to recover his breath.
सारांश
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अश्वारोही योद्धा अपने उस शत्रु पर पुनः प्रहार नहीं करता था जो प्रत्युत्तर देने में असमर्थ हो। वह घोड़े की गर्दन पर झुके हुए मूर्च्छित शत्रु के सचेत होने की प्रतीक्षा करता था।
पदच्छेदः
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| पूर्वम् | पूर्वम् | first |
| प्रहर्ता | प्रहर्तृ (प्र√हृ+तृच्, १.१) | the attacker |
| न | न | not |
| जघान | जघान (√हन् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | strike |
| भूयः | भूयस् | again |
| प्रति-प्रहार-अक्षमम् | प्रति–प्रहार–अक्षम (२.१) | incapable of striking back |
| अश्व-सादी | अश्व–सादिन् (१.१) | the horse-rider |
| तुरंगम-स्कन्ध-निषण्ण-देहम् | तुरंगम–स्कन्ध–निषण्ण–देह (२.१) | whose body was slumped on the horse's shoulder |
| प्रति-आश्वसन्तम् | प्रत्याश्वसत् (प्रति+आ√श्वस्+शतृ, २.१) | who was recovering his breath |
| रिपुम् | रिपु (२.१) | the enemy |
| आचकाङ्क्ष | आचकाङ्क्ष (आ√काङ्क्ष् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | waited for |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पू | र्वं | प्र | ह | र्ता | न | ज | घा | न | भू | यः |
| प्र | ति | प्र | हा | रा | क्ष | म | म | श्व | सा | दी |
| तु | रं | ग | म | स्क | न्ध | नि | ष | ण्ण | दे | हं |
| प्र | त्या | श्व | स | न्तं | रि | पु | मा | च | का | ङ्क्ष |
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