स रोषदष्टाधिकलोहितोष्ठै-
र्व्यक्तोर्ध्वरेखा भ्रुकुटीर्वहद्भिः ।
तस्तार गां भल्लनिकृत्तकण्ठै-
र्हूंकारगर्भैर्द्विषतां शिरोभिः ॥
स रोषदष्टाधिकलोहितोष्ठै-
र्व्यक्तोर्ध्वरेखा भ्रुकुटीर्वहद्भिः ।
तस्तार गां भल्लनिकृत्तकण्ठै-
र्हूंकारगर्भैर्द्विषतां शिरोभिः ॥
र्व्यक्तोर्ध्वरेखा भ्रुकुटीर्वहद्भिः ।
तस्तार गां भल्लनिकृत्तकण्ठै-
र्हूंकारगर्भैर्द्विषतां शिरोभिः ॥
अन्वयः
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सः द्विषताम्, रोषदष्ट-अधिक-लोहित-ओष्ठैः, व्यक्त-ऊर्ध्वरेखाः भ्रुकुटीः वहद्भिः, हूंकार-गर्भैः, भल्ल-निकृत्त-कण्ठैः शिरोभिः गाम् तस्तार।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
स इति॥ शोऽजः रोषेण दष्टा अत एवाधिकलोहिता ओष्ठा येषां तानि तैः। व्यक्ता ऊर्ध्वा रेखा यासां ता भ्रुकुटीर्भ्रूभङ्गान्वहद्भिः। भल्लनिकृत्ता बाणविशेषच्छिन्नाः कण्ठा येषां तैः। हूंकारगर्भैः सहूंकारैः। हूंकुर्वद्भिरित्यर्थः। द्विषतां शिरोभिर्गां भूमिं तस्तार छादयामास ॥
Summary
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He (Aja) covered the earth with the heads of his enemies—heads whose necks were severed by broad-headed arrows, heads that still bore frowns with distinct vertical lines, whose lips were redder from being bitten in anger, and which seemed pregnant with a war-cry.
सारांश
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अज ने क्रोध से फड़कते अधरों और चढ़ी हुई भौंहों वाले शत्रुओं के सिरों को काटकर पृथ्वी को इस प्रकार पाट दिया कि वे कटे हुए सिर भी मानो हुंकार भर रहे थे।
पदच्छेदः
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| सः | तद् (१.१) | He |
| रोषदष्टाधिकलोहितोष्ठैः | रोष–दष्ट–अधिक–लोहित–ओष्ठ (३.३) | with lips redder from being bitten in anger |
| व्यक्तोर्ध्वरेखाः | व्यक्त–ऊर्ध्वरेखा (२.३) | with distinct vertical lines |
| भ्रुकुटीः | भ्रुकुटि (२.३) | frowns |
| वहद्भिः | वहत् (√वह्+शतृ, ३.३) | bearing |
| तस्तार | तस्तार (√स्तॄ कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | covered |
| गाम् | गो (२.१) | the earth |
| भल्लनिकृत्तकण्ठैः | भल्ल–निकृत्त–कण्ठ (३.३) | with necks severed by broad-headed arrows |
| हूंकारगर्भैः | हूंकार–गर्भ (३.३) | pregnant with a war-cry |
| द्विषताम् | द्विषत् (६.३) | of the enemies |
| शिरोभिः | शिरस् (३.३) | with heads |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | रो | ष | द | ष्टा | धि | क | लो | हि | तो | ष्ठै |
| र्व्य | क्तो | र्ध्व | रे | खा | भ्रु | कु | टी | र्व | ह | द्भिः |
| त | स्ता | र | गां | भ | ल्ल | नि | कृ | त्त | क | ण्ठै |
| र्हूं | का | र | ग | र्भै | र्द्वि | ष | तां | शि | रो | भिः |
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