आलोकमार्गं सहसा व्रजन्त्या
कयाचिदुद्वेष्टनवान्तमाल्यः ।
बद्धुं न संभावित एव ताव-
त्करेण रुद्धोऽपि च केशपाशः ॥
आलोकमार्गं सहसा व्रजन्त्या
कयाचिदुद्वेष्टनवान्तमाल्यः ।
बद्धुं न संभावित एव ताव-
त्करेण रुद्धोऽपि च केशपाशः ॥
कयाचिदुद्वेष्टनवान्तमाल्यः ।
बद्धुं न संभावित एव ताव-
त्करेण रुद्धोऽपि च केशपाशः ॥
अन्वयः
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सहसा आलोक-मार्गम् व्रजन्त्या कयाचित् उद्वेष्टन-वान्त-माल्यः केश-पाशः करेण रुद्धः अपि तावत् बद्धुम् न संभावितः एव ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
आलोकेति॥ सहसाऽऽलोकमार्गं गवाक्षपथं व्रजन्त्या कयाचित्कामिन्योद्वेष्टनवान्तमाल्यः। उद्वेष्टनो द्रुतगतिवशादुन्मुक्तबन्धनः। अत एव वांन्तमाल्यो बन्धविश्लेषेणोद्गीर्णमाल्यः। करेण रुद्धो गृहीतोऽपि च केशपाशः केशकलापः।
पाशः पक्षश्च हस्तश्च कलापार्थाः कचात्परे इत्यमरः (अमरकोशः २.६.९९ ) । तावदालोकमार्गप्राप्तिपर्यन्तं बद्धुं बन्धनार्थं न संभावितो न चिन्तित एव ॥
Summary
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One lady, rushing suddenly to a window, had her mass of hair come undone, shedding its garland. Though she held it with her hand, she did not even have time to tie it back up.
सारांश
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झरोखे की ओर भागती हुई एक स्त्री के केश खुल गए और फूल बिखरने लगे, किन्तु उसने उन्हें बाँधने की प्रतीक्षा न कर अपने हाथ से ही बालों को थामे रखा।
पदच्छेदः
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| आलोकमार्गं | आलोक–मार्ग (२.१) | the path to the window |
| सहसा | सहसा | suddenly |
| व्रजन्त्या | व्रजत् (√व्रज्+शतृ, ३.१) | of one who was going |
| कयाचित् | किञ्चित् (३.१) | by a certain lady |
| उद्वेष्टनवान्तमाल्यः | उद्वेष्टन–वान्त–माल्य (१.१) | from which the garland had fallen due to its loosening |
| बद्धुं | बद्धुम् (√बन्ध्+तुमुन्) | to tie |
| न | न | not |
| संभावितः | संभावित (सम्√भू+क्त+णिच्, १.१) | was it possible |
| एव | एव | even |
| तावत् | तावत् | then |
| करेण | कर (३.१) | with her hand |
| रुद्धः | रुद्ध (√रुध्+क्त, १.१) | held |
| अपि | अपि | even though |
| च | च | and |
| केशपाशः | केश–पाश (१.१) | the mass of hair |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | लो | क | मा | र्गं | स | ह | सा | व्र | ज | न्त्या |
| क | या | चि | दु | द्वे | ष्ट | न | वा | न्त | मा | ल्यः |
| ब | द्धुं | न | सं | भा | वि | त | ए | व | ता | व |
| त्क | रे | ण | रु | द्धो | ऽपि | च | के | श | पा | शः |
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