पदच्छेदः
| अवज्ञाताः | अवज्ञात (√अव-ज्ञा + क्त, १.३) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| तेन | तद् (३.१) |
| वरदानेन | वर–दान (३.१) |
| मानवाः | मानव (१.३) |
| तस्मात् | तस्मात् (अव्ययः) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| वधो | वध (१.१) |
| दृष्टो | दृष्ट (√दृश् + क्त, १.१) |
| मानुषेभ्यः | मानुष (५.३) |
| परंतप | परंतप (८.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | व | ज्ञा | ताः | पु | रा | ते | न |
| व | र | दा | ने | न | मा | न | वाः |
| त | स्मा | त्त | स्य | व | धो | दृ | ष्टो |
| मा | नु | षे | भ्यः | प | रं | त | प |