अन्वयः
आगमनं प्रति in coming here, तुभ्यम् to you, प्रार्थितम् desired, यत् कार्यम् the purpose, ब्रूहि tell me, अहम् I, अनुगृहीत: am favoured, त्वदर्थपरिवृद्धये to achieve your object, इच्छामि I am desirous.
Summary
Be pleased to tell me the purpose of your visit. I desire to be given the privilege of doing service to achieve your object.
पदच्छेदः
| ब्रूहि | ब्रूहि (√ब्रू लोट् म.पु. ) |
| यत् | यद् (१.१) |
| प्रार्थितं | प्रार्थित (√प्र-अर्थय् + क्त, १.१) |
| तुभ्यं | त्वद् (४.१) |
| कार्यम् | कार्य (१.१) |
| आगमनं | आगमन (२.१) |
| प्रति | प्रति (अव्ययः) |
| इच्छाम्य् | इच्छामि (√इष् लट् उ.पु. ) |
| अनुगृहीतो | अनुगृहीत (√अनु-ग्रह् + क्त, १.१) |
| ऽहं | मद् (१.१) |
| त्वदर्थपरिवृद्धये | त्वद्–अर्थ–परिवृद्धि (४.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ब्रू | हि | य | त्प्रा | र्थि | तं | तु | भ्यं |
| का | र्य | मा | ग | म | नं | प्र | ति |
| इ | च्छा | म्य | नु | गृ | ही | तो | ऽहं |
| त्व | द | र्थ | प | रि | वृ | द्ध | ये |