अन्वयः
वीर्योत्सिक्तौ proud of their strength, तौ पापौ those two wicked demons, कालपाशवशम् noosed by of Yama, the god of death, गतौ (have) become, राजशार्दूल O Great king, महात्मन: of the magnanimous, रामस्य for Rama, न पर्याप्तौ no match.
Summary
Proud of their strength, the two wicked demons have been noosed by Yama, the god of death. O tiger among kings they are no match for the magnanimous Rama.
पदच्छेदः
| वीर्योत्सिक्तौ | वीर्य–उत्सिक्त (√उत्-सिच् + क्त, १.२) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| तौ | तद् (१.२) |
| पापौ | पाप (१.२) |
| कालपाशवशं | काल–पाश–वश (२.१) |
| गतौ | गत (√गम् + क्त, १.२) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| राजशार्दूल | राजन्–शार्दूल (८.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| पर्याप्तौ | पर्याप्त (√परि-आप् + क्त, १.२) |
| महात्मनः | महात्मन् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वी | र्यो | त्सि | क्तौ | हि | तौ | पा | पौ |
| का | ल | पा | श | व | शं | ग | तौ |
| रा | म | स्य | रा | ज | शा | र्दू | ल |
| न | प | र्या | प्तौ | म | हा | त्म | नः |