अन्वयः
महातपा: mighty ascetic, विश्वामित्र: Viswamitra, तस्य his, तत् बहुविधम् वचनम् those different kinds of words, श्रुत्वा having listened, सान्त्वयित्वा after consoling him, पुत्रान् addressing his sons, इदम् this word, उवाच spoke.
Summary
Having heard Sunassepha, mighty ascetic Viswamitra consoled him in many ways and said to his sons:
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| तद् | तद् (२.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| विश्वामित्रो | विश्वामित्र (१.१) |
| ऽभ्यभाषत | अभ्यभाषत (√अभि-भाष् लङ् प्र.पु. एक.) |
| पौलस्त्यवंशप्रभवो | पौलस्त्य–वंश–प्रभव (१.१) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| राक्षसः | राक्षस (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्य | त | द्व | च | नं | श्रु | त्वा |
| वि | श्वा | मि | त्रो | ऽभ्य | भा | ष | त |
| पौ | ल | स्त्य | वं | श | प्र | भ | वो |
| रा | व | णो | ना | म | रा | क्ष | सः |