यदा स्वयं न यज्ञस्य विघ्नकर्ता महाबलः ।
तेन संचोदितौ तौ तु राक्षसौ सुमहाबलौ ।
मारीचश्च सुबाहुश्च यज्ञविघ्नं करिष्यतः ॥
यदा स्वयं न यज्ञस्य विघ्नकर्ता महाबलः ।
तेन संचोदितौ तौ तु राक्षसौ सुमहाबलौ ।
मारीचश्च सुबाहुश्च यज्ञविघ्नं करिष्यतः ॥
अन्वयः
महाबल: he, possessing great strength, यदा when, स्वयम् on his own, यज्ञस्य for sacrifice, विघ्नकर्ता न does not create impediments, तेन by, सञ्चोदितौ prompted, मारीचश्च Maricha, सुबाहुश्च Subahu, द्वौ राक्षसौ two rakshasas, यज्ञविघ्नम् obsctacles of sacrifice, करिष्यत: cause.M N Dutt
When that one possessed of mighty strength does not stoop to disturb the sacrifice himself, those powerful Raksasas, Marica and Subāhu, being incited by him, disturb the rites.Summary
Although endowed with great strength, Ravana, by himself, never created impediments to the sacrifice. But two rakshasas by name Maricha and Subahu are incited by him to cause obstacles".पदच्छेदः
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| स्वयं | स्वयम् (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| यज्ञस्य | यज्ञ (६.१) |
| विघ्नकर्ता | विघ्न–कर्तृ (१.१) |
| महाबलः | महत्–बल (१.१) |
| तेन | तद् (३.१) |
| संचोदितौ | संचोदित (√सम्-चोदय् + क्त, १.२) |
| तौ | तद् (१.२) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| राक्षसौ | राक्षस (१.२) |
| सुमहाबलौ | सु (अव्ययः)–महत्–बल (१.२) |
| मारीचश् | मारीच (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| सुबाहुश् | सुबाहु (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| यज्ञविघ्नं | यज्ञ–विघ्न (२.१) |
| करिष्यतः | करिष्यतः (√कृ लृट् प्र.पु. द्वि.) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| य | दा | स्व | यं | न | य | ज्ञ | स्य | वि | घ्न | क | र्ता |
| म | हा | ब | लः | ते | न | सं | चो | दि | तौ | तौ | तु |
| रा | क्ष | सौ | सु | म | हा | ब | लौ | मा | री | च | श्च |
| सु | बा | हु | श्च | य | ज्ञ | वि | घ्नं | क | रि | ष्य | तः |