अन्वयः
भगवान् ब्रह्मा lord Brahma, इति उक्त्वा having said this, तत्रैव there itself, अन्तरधीयत vanished, तत: then, सशिष्य: along with his disciples, भगवान् मुनि: sage Valmiki, विस्मयम् astonishment, आययौ attained.
M N Dutt
Having said this, the Lord Brahmä disappeared there. And thereat the sage and his disciples marvelled greatly.
Summary
Having spoken these words, lord Brahma vanished. At this he and his disciples were astonished.
पदच्छेदः
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| भगवान् | भगवत् (१.१) |
| ब्रह्मा | ब्रह्मन् (१.१) |
| तत्रैवान्तरधीयत | तत्र (अव्ययः)–एव (अव्ययः)–अन्तरधीयत (√अन्तः-धा प्र.पु. एक.) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| सशिष्यो | स (अव्ययः)–शिष्य (१.१) |
| वाल्मीकिर् | वाल्मीकि (१.१) |
| मुनिर् | मुनि (१.१) |
| विस्मयम् | विस्मय (२.१) |
| आययौ | आययौ (√आ-या लिट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | त्यु | क्त्वा | भ | ग | वा | न्ब्र | ह्मा |
| त | त्रै | वा | न्त | र | धी | य | त |
| त | तः | स | शि | ष्यो | वा | ल्मी | कि |
| र्मु | नि | र्वि | स्म | य | मा | य | यौ |