अन्वयः
वाश्यद्भि: shrieking, भैरवस्वनै: frightful sounds, नानाप्रकारै: by various kinds of, शकुनै: birds, सिंहव्याघ्रवराहै: च lions, tigers, boars, वारणै: च by elephants, उपशोभितम् shining.
Summary
"It resounds with the frightful shricks of various kinds of birds. Lions, tigers, boars and elephants prowl about.
पदच्छेदः
| नानाप्रकारैः | नाना (अव्ययः)–प्रकार (३.३) |
| शकुनैर् | शकुन (३.३) |
| वाश्यद्भिर् | वाश्यत् (√वाश् + शतृ, ३.३) |
| भैरवस्वनैः | भैरव–स्वन (३.३) |
| सिंहव्याघ्रवराहैश् | सिंह–व्याघ्र–वराह (३.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| वारणैश् | वारण (३.३) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| शोभितम् | शोभित (√शोभय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ना | ना | प्र | का | रैः | श | कु | नै |
| र्वा | श्य | द्भि | र्भै | र | व | स्व | नैः |
| सिं | ह | व्या | घ्र | व | रा | है | श्च |
| वा | र | णै | श्चा | पि | शो | भि | तम् |