अन्वयः
अमितौजस: men possessing great splendour, ते those sages, दिनकरे when the Sun, अस्तंगते was set, स्नात्वा having bathed, हुतहुताशना: having kindled fire, विश्वामित्रम् Viswamitra, पुरस्कृत्य having honoured him, निषेदु: sat down.
Summary
The sages who possessed great splendour bathed and offered oblations to fire at sunset and sat in front of Viswamitra.
पदच्छेदः
| ते | तद् (१.३) |
| ऽस्तं | अस्त (२.१) |
| गते | गत (√गम् + क्त, ७.१) |
| दिनकरे | दिनकर (७.१) |
| स्नात्वा | स्नात्वा (√स्ना + क्त्वा) |
| हुतहुताशनाः | हुत (√हु + क्त)–हुताशन (१.३) |
| विश्वामित्रं | विश्वामित्र (२.१) |
| पुरस्कृत्य | पुरस्कृत्य (√पुरस्-कृ + ल्यप्) |
| निषेदुर् | निषेदुः (√नि-सद् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| अमितौजसः | अमित–ओजस् (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | ऽस्तं | ग | ते | दि | न | क | रे |
| स्ना | त्वा | हु | त | हु | ता | श | नाः |
| वि | श्वा | मि | त्रं | पु | र | स्कृ | त्य |
| नि | षे | दु | र | मि | तौ | ज | सः |