अन्वयः
परन्तप O Tormentor of enemies, राम O Rama, देवस्य of the lord, शितिकण्ठस्य Siva's, दिव्यम् celestial, वर्षशतम् hundred years, गतम् was over, अपि च even then, तस्याम् in her (the womb of goddess Parvati), तनय: son, न आसीत् was not born.
Summary
O Rama, tormentor of enemies, while Lord Siva was thus absorbed in sexual enjoyment, a hundred (celestial) years passed but no son was born to them.
पदच्छेदः
| शितिकण्ठस्य | शितिकण्ठ (६.१) |
| देवस्य | देव (६.१) |
| दिव्यं | दिव्य (१.१) |
| वर्षशतं | वर्ष–शत (१.१) |
| गतम् | गत (√गम् + क्त, १.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| तनयो | तनय (१.१) |
| राम | राम (८.१) |
| तस्याम् | तद् (७.१) |
| आसीत् | आसीत् (√अस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| परंतप | परंतप (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| शि | ति | क | ण्ठ | स्य | दे | व | स्य |
| दि | व्यं | व | र्ष | श | तं | ग | तम् |
| न | चा | पि | त | न | यो | रा | म |
| त | स्या | मा | सी | त्प | रं | त | प |