अन्वयः
तदा thereafter, शत्रुनिबर्हण: destroyer of enemies, स: राम: Rama, पूजार्हौ the twins deserving honour, भ्रातरौ brothers, कुशीलवौ Kusa and Lava, स्ववेश्म to his royal palace, आनीय having brought, पूजयामास extended respectful hospitality.
Summary
Thereafter, Rama, the destroyer of enemies, having invited the two brothers Kusa and Lava who deserved honour. He brought them to his royal palace and extended respectful hospitality.
पदच्छेदः
| स्ववेश्म | स्व–वेश्मन् (२.१) |
| चानीय | च (अव्ययः)–आनीय (√आ-नी + ल्यप्) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| भ्रातरौ | भ्रातृ (२.२) |
| सकुशीलवौ | स (अव्ययः)–कुशीलव (२.२) |
| पूजयामास | पूजयामास (√पूजय् प्र.पु. एक.) |
| पूजार्हौ | पूजा–अर्ह (२.२) |
| रामः | राम (१.१) |
| शत्रुनिबर्हणः | शत्रु–निबर्हण (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स्व | वे | श्म | चा | नी | य | त | तो |
| भ्रा | त | रौ | स | कु | शी | ल | वौ |
| पू | ज | या | मा | स | पू | जा | र्हौ |
| रा | मः | श | त्रु | नि | ब | र्ह | णः |