अन्वयः
क्वचित् at some places, सलिलम् water, सलिलेनैव with waters alone, अभ्याहतम् was dashing against, मुहु: repeatedly, ऊर्ध्वमुखम् upwards, गत्वा having gone, पुन: again, वसुधातलम् on the ground, पपात fell down.
Summary
Sometimes waves dashed against waves. They rose repeatedly upwards and fell down on the ground.
पदच्छेदः
| सलिलेनैव | सलिल (३.१)–एव (अव्ययः) |
| सलिलं | सलिल (१.१) |
| क्वचिद् | क्वचिद् (अव्ययः) |
| अभ्याहतं | अभ्याहत (√अभ्या-हन् + क्त, १.१) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| मुहुर् | मुहुर् (अव्ययः) |
| ऊर्ध्वपथं | ऊर्ध्व–पथ (२.१) |
| गत्वा | गत्वा (√गम् + क्त्वा) |
| पपात | पपात (√पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| वसुधां | वसुधा (२.१) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | लि | ले | नै | व | स | लि | लं |
| क्व | चि | द | भ्या | ह | तं | पु | नः |
| मु | हु | रू | र्ध्व | प | थं | ग | त्वा |
| प | पा | त | व | सु | धां | पु | नः |