M N Dutt
Hence Diti's son go by the name of Asuras; and Aditi's by that of Suras. And the celestials became exceeding glad, on having accepted Vāruņi.
पदच्छेदः
| असुरास् | असुर (१.३) |
| तेन | तद् (३.१) |
| दैतेयाः | दैतेय (१.३) |
| सुरास् | सुर (१.३) |
| तेनादितेः | तद् (३.१)–अदिति (६.१) |
| सुताः | सुत (१.३) |
| हृष्टाः | हृष्ट (√हृष् + क्त, १.३) |
| प्रमुदिताश् | प्रमुदित (√प्र-मुद् + क्त, १.३) |
| चासन् | च (अव्ययः)–आसन् (√अस् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| वारुणीग्रहणात् | वारुणी–ग्रहण (५.१) |
| सुराः | सुर (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | सु | रा | स्ते | न | दै | ते | याः |
| सु | रा | स्ते | ना | दि | तेः | सु | ताः |
| हृ | ष्टाः | प्र | मु | दि | ता | श्चा | स |
| न्वा | रु | णी | ग्र | ह | णा | त्सु | राः |