अन्वयः
राम O Rama, एवम् in this way, तया with her, सङ्गम्य having united, स: he, सम्भ्रमात् out of fear, त्वरन् quickly, गौतमं प्रति about Gautama, शङ्कित: having apprehension, उटजात् (ततः) from leafy hut, निश्चक्राम came out.
M N Dutt
Having known her thus, Indra, O Rama, exceedingly apprehensive of Gautama, then hurriedly sallied out of the thatched cottage.
Summary
O Rama he (Indra) came out of the leafhut quickly after his union with her, apprehensive of Gautama.
पदच्छेदः
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| संगम्य | संगम्य (√सम्-गम् + ल्यप्) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तया | तद् (३.१) |
| निश्चक्रामोटजात् | निश्चक्राम (√निः-क्रम् लिट् प्र.पु. एक.)–उटज (५.१) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| सम्भ्रमात् | सम्भ्रम (५.१) |
| त्वरन् | त्वरत् (√त्वर् + शतृ, १.१) |
| राम | राम (८.१) |
| शङ्कितो | शङ्कित (√शङ्क् + क्त, १.१) |
| गौतमं | गौतम (२.१) |
| प्रति | प्रति (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | वं | सं | ग | म्य | तु | त | या |
| नि | श्च | क्रा | मो | ट | जा | त्त | तः |
| स | सं | भ्र | मा | त्त्व | र | न्रा | म |
| श | ङ्कि | तो | गौ | त | मं | प्र | ति |