अन्वयः
महात्मान: eminent, ऋत्विजोऽपि officiating priests also, सत्वरम् quickly, अर्घ्यम् offerings of worship, आदाय having brought, मन्त्रपुरस्कृतम् with prayers, विश्वामित्राय for Viswamitra, ददु: offered.
Summary
Eminent officiating priests speedily brought the offerings of worship and paid obeisance to Viswamitra with prayers.
पदच्छेदः
| ऋत्विजो | ऋत्विज् (१.३) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| महात्मानस् | महात्मन् (१.३) |
| त्व् | तु (अव्ययः) |
| अर्घ्यम् | अर्घ्य (२.१) |
| आदाय | आदाय (√आ-दा + ल्यप्) |
| सत्वरम् | सत्वर (२.१) |
| विश्वामित्राय | विश्वामित्र (४.१) |
| धर्मेण | धर्म (३.१) |
| ददुर् | ददुः (√दा लिट् प्र.पु. बहु.) |
| मन्त्रपुरस्कृतम् | मन्त्र–पुरस्कृत (√पुरस्-कृ + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ऋ | त्वि | जो | ऽपि | म | हा | त्मा | न |
| स्त्व | र्घ्य | मा | दा | य | स | त्व | रम् |
| वि | श्वा | मि | त्रा | य | ध | र्मे | ण |
| द | दु | र्म | न्त्र | पु | र | स्कृ | तम् |