एह्येहि शबले क्षिप्रं शृणु चापि वचो मम ।
सबलस्यास्य राजर्षेः कर्तुं व्यवसितोऽस्म्यहम् ।
भोजनेन महार्हेण सत्कारं संविधत्स्व मे ॥
एह्येहि शबले क्षिप्रं शृणु चापि वचो मम ।
सबलस्यास्य राजर्षेः कर्तुं व्यवसितोऽस्म्यहम् ।
भोजनेन महार्हेण सत्कारं संविधत्स्व मे ॥
अन्वयः
शबले O Sabala, क्षिप्रम् quickly, एहि (एहि) come on, मम my, वच: words, श्रृणु च अपि also listen, अहम् I, महार्हेण in a befitting manner, भोजनेन with food, अस्य राजर्षे: for this royal saint, सबलस्य together with his army, सत्कारम् honour, कर्तुम् to extend, व्यवसित: अस्मि I have decided, मे to me, संविधत्स्व make arrangemets.M N Dutt
O Śabala! do you come soon; and hear my words. I intend to entertain this royal saint together with his forces. Do you enable me to entertain him, by yielding excellent viands.Summary
"O Sabala, come on quick Listen to my words. I have decided to honour this royal saint and his army with excellent food. Make necessary arrangemets.पदच्छेदः
| एह्य् | एहि (√आ-इ लोट् म.पु. ) |
| एहि | एहि (√आ-इ लोट् म.पु. ) |
| शबले | शबला (८.१) |
| क्षिप्रं | क्षिप्रम् (अव्ययः) |
| शृणु | शृणु (√श्रु लोट् म.पु. ) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| वचो | वचस् (२.१) |
| मम | मद् (६.१) |
| सबलस्यास्य | सबल (६.१)–इदम् (६.१) |
| राजर्षेः | राजर्षि (६.१) |
| कर्तुं | कर्तुम् (√कृ + तुमुन्) |
| व्यवसितो | व्यवसित (√व्यव-सा + क्त, १.१) |
| ऽस्म्य् | अस्मि (√अस् लट् उ.पु. ) |
| अहम् | मद् (१.१) |
| भोजनेन | भोजन (३.१) |
| महार्हेण | महार्ह (३.१) |
| सत्कारं | सत्कार (२.१) |
| संविधत्स्व | संविधत्स्व (√संवि-धा लोट् म.पु. ) |
| मे | मद् (६.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | ह्ये | हि | श | ब | ले | क्षि | प्रं | शृ | णु | चा | पि |
| व | चो | म | म | स | ब | ल | स्या | स्य | रा | ज | र्षेः |
| क | र्तुं | व्य | व | सि | तो | ऽस्म्य | हम् | भो | ज | ने | न |
| म | हा | र्हे | ण | स | त्का | रं | सं | वि | ध | त्स्व | मे |