अन्वयः
वाक्यविशारद: (the king) skilled in conversation, विश्वामित्र: Visvamitra, वसिष्ठेन through Vasishta, एवम् in this manner, उक्त: spoken, अत्यर्थम् extreme, संरब्धतरम् more excited, वाक्यम् words, अब्रवीत् spoke.
M N Dutt
Thus addressed by Vasiștha, that one versed in speech, Viśvāmitra, eagerly rejoined.
Summary
To there words of Vasishta, Viswamitra who is skilful in conversation reacted with extreme excitement:
पदच्छेदः
| वसिष्ठेनैवम् | वसिष्ठ (३.१)–एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस् | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| विश्वामित्रो | विश्वामित्र (१.१) |
| ऽब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| संरब्धतरम् | संरब्धतर (१.१) |
| अत्यर्थं | अत्यर्थ (१.१) |
| वाक्यं | वाक्य (१.१) |
| वाक्यविशारदः | वाक्य–विशारद (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व | सि | ष्ठे | नै | व | मु | क्त | स्तु |
| वि | श्वा | मि | त्रो | ऽब्र | वी | त्त | तः |
| सं | र | ब्ध | त | र | म | त्य | र्थं |
| वा | क्यं | वा | क्य | वि | शा | र | दः |