अन्वयः
प्रभावद्भि: by those possessing splendour, महावीर्यै: supreme valour, हेमकिञ्चल्कसन्निभै: resembling golden filaments, यवनमिश्रितै: mixed with Yavanas, शकै: Sakas, भूमि: earth, संवृता आसीत् covered with.
Summary
Sakas mixed with Yavanas, resembling golden filaments possessing brilliance and supreme bravery, covered the earth.
पदच्छेदः
| तैर् | तद् (३.३) |
| आसीत् | आसीत् (√अस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| संवृता | संवृत (√सम्-वृ + क्त, १.१) |
| भूमिः | भूमि (१.१) |
| शकैर् | शक (३.३) |
| यवनमिश्रितैः | यवन–मिश्रित (√मिश्रय् + क्त, ३.३) |
| प्रभावद्भिर् | प्रभावत् (३.३) |
| महावीर्यैर् | महत्–वीर्य (३.३) |
| हेमकिञ्जल्कसंनिभैः | हेमन्–किञ्जल्क–संनिभ (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तै | रा | सी | त्सं | वृ | ता | भू | मिः |
| श | कै | र्य | व | न | मि | श्रि | तैः |
| प्र | भा | व | द्भि | र्म | हा | वी | र्यै |
| र्हे | म | कि | ञ्ज | ल्क | सं | नि | भैः |