अन्वयः
देवदेव O Lord of gods, तव by your, प्रसादात् favour, मम my, ईप्सितम् desire, भवतु be fulfilled, एवम् अस्तु "Be it so", इति thus, देवेश: lord of devatas, Mahadeva, (वाक्यं )उक्त्वा having spoken, तदा then, गत: returned (to bis abode).
Summary
O Lord of the gods by your favour let my desire be fulfilled. Lord Mahadeva having said: 'Be it so' vanished.
पदच्छेदः
| तव | त्वद् (६.१) |
| प्रसादाद् | प्रसाद (५.१) |
| भवतु | भवतु (√भू लोट् प्र.पु. एक.) |
| देवदेव | देवदेव (८.१) |
| ममेप्सितम् | मद् (६.१)–ईप्सित (१.१) |
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| अस्त्व् | अस्तु (√अस् लोट् प्र.पु. एक.) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| देवेशो | देवेश (१.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| दिवं | दिव् (२.१) |
| गतः | गत (√गम् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | व | प्र | सा | दा | द्भ | व | तु |
| दे | व | दे | व | म | मे | प्सि | तम् |
| ए | व | म | स्त्वि | ति | दे | वे | शो |
| वा | क्य | मु | क्त्वा | दि | वं | ग | तः |