अन्वयः
ब्रह्मास्त्रम् Brahma astra, ग्रसमानस्य while swallowing, महात्मन: of the magnanimous, वसिष्ठस्य Vasishta's, रूपम् form, त्रैलोक्यमोहनम् causing the three worlds to faint, रौद्रम् fierce, सुदारुणम् आसीत् became terrible.
M N Dutt
When the high-souled Vasiştha had baffled the Brahmă weapon, his form the three worlds.
Summary
While swallowing Brahmastra the great Vasishta looked fierce and terrible causing the three worlds to faint.
पदच्छेदः
| ब्रह्मास्त्रं | ब्रह्मास्त्र (२.१) |
| ग्रसमानस्य | ग्रसमान (√ग्रस् + शानच्, ६.१) |
| वसिष्ठस्य | वसिष्ठ (६.१) |
| महात्मनः | महात्मन् (६.१) |
| त्रैलोक्यमोहनं | त्रैलोक्य–मोहन (१.१) |
| रौद्रं | रौद्र (१.१) |
| रूपम् | रूप (१.१) |
| आसीत् | आसीत् (√अस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| सुदारुणम् | सु (अव्ययः)–दारुण (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ब्र | ह्मा | स्त्रं | ग्र | स | मा | न | स्य |
| व | सि | ष्ठ | स्य | म | हा | त्म | नः |
| त्रै | लो | क्य | मो | ह | नं | रौ | द्रं |
| रू | प | मा | सी | त्सु | दा | रु | णम् |