अन्वयः
उग्रम् rigorous, तप: penance, आस्थितम् adopted, अदुष्टम् free from blemish, माम् me, ये who, दूषयन्ति abused, दुरात्मान: wickedminded ones, भस्मीभूता: reduced to ashes, भविष्यन्ति will become, संशय: न no doubt.
Summary
"I am blameless. I have practised rigorous penance. These wicked ones who have abused (a sage like me) will be reduced to ashes.
पदच्छेदः
| यद् | यत् (अव्ययः) |
| दूषयन्त्य् | दूषयन्ति (√दूषय् लट् प्र.पु. बहु.) |
| अदुष्टं | अदुष्ट (२.१) |
| मां | मद् (२.१) |
| तप | तपस् (२.१) |
| उग्रं | उग्र (२.१) |
| समास्थितम् | समास्थित (√समा-स्था + क्त, २.१) |
| भस्मीभूता | भस्मीभूत (√भस्मी-भू + क्त, १.३) |
| दुरात्मानो | दुरात्मन् (१.३) |
| भविष्यन्ति | भविष्यन्ति (√भू लृट् प्र.पु. बहु.) |
| न | न (अव्ययः) |
| संशयः | संशय (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | द्दू | ष | य | न्त्य | दु | ष्टं | मां |
| त | प | उ | ग्रं | स | मा | स्थि | तम् |
| भ | स्मी | भू | ता | दु | रा | त्मा | नो |
| भ | वि | ष्य | न्ति | न | सं | श | यः |