अन्वयः
निर्घृणा: merciless, मुष्टिका नाम born in the race of mushtikas, श्वमांसनियताहारा feeding on the flesh of dogs, विकृताश्च hideous, विरूपाश्च deformed, इमान् लोकान् in these worlds, अनुचरन्तु shall wander.
Summary
Reborn as the merciless race of mushtikas, feeding on the flesh of dogs, hideous and deformed, they shall wander in these worlds.
पदच्छेदः
| श्वमांसनियताहारा | श्वन्–मांस–नियत (√नि-यम् + क्त)–आहार (१.३) |
| मुष्टिका | मुष्टिक (१.३) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| निर्घृणाः | निर्घृण (१.३) |
| विकृताश् | विकृत (√वि-कृ + क्त, १.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| विरूपाश् | विरूप (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| लोकान् | लोक (२.३) |
| अनुचरन्त्व् | अनुचरन्तु (√अनु-चर् लोट् प्र.पु. बहु.) |
| इमान् | इदम् (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| श्व | मां | स | नि | य | ता | हा | रा |
| मु | ष्टि | का | ना | म | नि | र्घृ | णाः |
| वि | कृ | ता | श्च | वि | रू | पा | श्च |
| लो | का | न | नु | च | र | न्त्वि | मान् |