अन्वयः
राजन् O King, मया by me, स्वार्जितम् selfearned, तपस: फलम् fruit of austerities, किञ्चिदपि even little, अस्ति हि is remaining, तस्य its, स्वतेजसा by its power, सशरीर: with physical body, दिवम् heaven, व्रज you may go.
Summary
By the power of what little fruit of austerities I have earned, I shall send to heaven with your body".
पदच्छेदः
| स्वार्जितं | स्व–अर्जित (√अर्जय् + क्त, १.१) |
| किंचिद् | कश्चित् (१.१) |
| अप्य् | अपि (अव्ययः) |
| अस्ति | अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| मया | मद् (३.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| तपसः | तपस् (६.१) |
| फलम् | फल (१.१) |
| राजंस् | राजन् (८.१) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| तेजसा | तेजस् (३.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| सशरीरो | स (अव्ययः)–शरीर (१.१) |
| दिवं | दिव् (२.१) |
| व्रज | व्रज (√व्रज् लोट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स्वा | र्जि | तं | किं | चि | द | प्य | स्ति |
| म | या | हि | त | प | सः | फ | लम् |
| रा | जं | स्त्वं | ते | ज | सा | त | स्य |
| स | श | री | रो | दि | वं | व्र | ज |