अन्वयः
काकुत्स्थ O Rama, तस्मिन् मुनौ when that ascetic, उक्तवाक्ये had spoken these words, नरेश्वर: king, सशरीर: with his physical body, तदा then, मुनीनाम् saints, पश्यताम् while seeing, दिवम् towards heaven, जगाम went.
Summary
"O Descendant of Kakustha (Rama) when the sage had said these words, the king with his physical body ascended to heaven in the presence of the sages.
पदच्छेदः
| उक्तवाक्ये | उक्त (√वच् + क्त)–वाक्य (७.१) |
| मुनौ | मुनि (७.१) |
| तस्मिन् | तद् (७.१) |
| सशरीरो | स (अव्ययः)–शरीर (१.१) |
| नरेश्वरः | नरेश्वर (१.१) |
| दिवं | दिव् (२.१) |
| जगाम | जगाम (√गम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| काकुत्स्थ | काकुत्स्थ (८.१) |
| मुनीनां | मुनि (६.३) |
| पश्यतां | पश्यत् (√दृश् + शतृ, ६.३) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | क्त | वा | क्ये | मु | नौ | त | स्मि |
| न्स | श | री | रो | न | रे | श्व | रः |
| दि | वं | ज | गा | म | का | कु | त्स्थ |
| मु | नी | नां | प | श्य | तां | त | दा |