अन्वयः
कौशिक: Visvamitra, क्रोशमानस्य crying, तस्य his, तत् वचनम् that word, श्रुत्वा having listened, तीव्रम् severe, रोषम् anger, आहारयत् fetched, तिष्ठ इति "Stay, Stay", अब्रवीत् spoke.
Summary
Having heard the wailing Trisanku, the enraged Viswamitra shouted, "Stay, Stay".
पदच्छेदः
| तच् | तद् (२.१) |
| छ्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| क्रोशमानस्य | क्रोशमान (√क्रुश् + शानच्, ६.१) |
| कौशिकः | कौशिक (१.१) |
| रोषम् | रोष (२.१) |
| आहारयत् | आहारयत् (√आ-हारय् लङ् प्र.पु. एक.) |
| तीव्रं | तीव्र (२.१) |
| तिष्ठ | तिष्ठ (√स्था लोट् म.पु. ) |
| तिष्ठेति | तिष्ठ (√स्था लोट् म.पु. )–इति (अव्ययः) |
| चाब्रवीत् | च (अव्ययः)–अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | च्छ्रु | त्वा | व | च | नं | त | स्य |
| क्रो | श | मा | न | स्य | कौ | शि | कः |
| रो | ष | मा | हा | र | य | त्ती | व्रं |
| ति | ष्ठ | ति | ष्ठे | ति | चा | ब्र | वीत् |