अन्वयः
रघुनन्दन O Rama, तेषां पुत्राणाम् of those sons', तद्वचनम् those words, श्रुत्वा having heard, राजसत्तम: magnanimous king, सगर: Sagara, समन्यु: incensed, वाक्यम् words, अब्रवीत् said.
Summary
"O Rama incensed to fury at the words of his sons, magnanimous king Sagara replied":
पदच्छेदः
| तेषां | तद् (६.३) |
| तद्वचनं | तद् (२.१)–वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| देवानां | देव (६.३) |
| मुनिपुंगवः | मुनि–पुंगव (१.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| सुमहद् | सु (अव्ययः)–महत् (२.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| कौशिकः | कौशिक (१.१) |
| सर्वदेवताः | सर्व–देवता (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | षां | त | द्व | च | नं | श्रु | त्वा |
| दे | वा | नां | मु | नि | पुं | ग | वः |
| अ | ब्र | वी | त्सु | म | ह | द्वा | क्यं |
| कौ | शि | कः | स | र्व | दे | व | ताः |