अन्वयः
एवम् thus, उक्त: spoken, महातेजाः exceedingly brilliant, ऋचीकस्तु Richika, वच: these words, अब्रवीत् spoke, नरश्रेष्ठ O Best among men, अहम् I, कथञ्चन in any way, ज्येष्ठम् eldest one, न विक्रीणीयाम् will not sell.
Summary
Thus addressed the exceedingly brilliant Richika said, "O Best among men in no way shall I sell my first born".
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तो | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| महातेजा | महत्–तेजस् (१.१) |
| ऋचीकस् | ऋचीक (१.१) |
| त्व् | तु (अव्ययः) |
| अब्रवीद् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| वचः | वचस् (२.१) |
| नाहं | न (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| ज्येष्ठं | ज्येष्ठ (२.१) |
| नरश्रेष्ठ | नर–श्रेष्ठ (८.१) |
| विक्रीणीयां | विक्रीणीयाम् (√वि-क्री विधिलिङ् उ.पु. ) |
| कथंचन | कथंचन (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्तो | म | हा | ते | जा |
| ऋ | ची | क | स्त्व | ब्र | वी | द्व | चः |
| ना | हं | ज्ये | ष्ठं | न | र | श्रे | ष्ठं |
| वि | क्री | णी | यां | क | थं | च | न |