अन्वयः
राम O Rama, तस्मिन् मुनौ: when that sage, उक्तवाक्ये having spoken thus, तथैव च in the same way, मुनिपत्न्याम् by wife of sage, मध्यम: middle son, शुन:शेफ: Sunas sepha, स्वयम् on his own, वाक्यम् words, अब्रवीत् spoke.
Summary
O Rama the sage and his wife having spoken thus, their middle son Sunassepha said on his own:
पदच्छेदः
| उक्तवाक्ये | उक्त (√वच् + क्त)–वाक्य (७.१) |
| मुनौ | मुनि (७.१) |
| तस्मिन् | तद् (७.१) |
| मुनिपत्न्यां | मुनि–पत्नी (७.१) |
| तथैव | तथा (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| शुनःशेपः | शुनःशेप (१.१) |
| स्वयं | स्वयम् (अव्ययः) |
| राम | राम (८.१) |
| मध्यमो | मध्यम (१.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | क्त | वा | क्ये | मु | नौ | त | स्मि |
| न्मु | नि | प | त्न्यां | त | थै | व | च |
| शु | नः | शे | पः | स्व | यं | रा | म |
| म | ध्य | मो | वा | क्य | म | ब्र | वीत् |