पदच्छेदः
| अम्बरीषस् | अम्बरीष (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| राजर्षी | राजर्षि (१.१) |
| रथम् | रथ (२.१) |
| आरोप्य | आरोप्य (√आ-रोपय् + ल्यप्) |
| सत्वरः | स (अव्ययः)–त्वरा (१.१) |
| शुनःशेपं | शुनःशेप (२.१) |
| महातेजा | महत्–तेजस् (१.१) |
| जगामाशु | जगाम (√गम् लिट् प्र.पु. एक.)–आशु (अव्ययः) |
| महायशाः | महत्–यशस् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | म्ब | री | ष | स्तु | रा | ज | र्षी |
| र | थ | मा | रो | प्य | स | त्व | रः |
| शु | नः | शे | पं | म | हा | ते | जा |
| ज | गा | मा | शु | म | हा | य | शाः |