अन्वयः
नरश्रेष्ठ O Foremost of men, रघुनन्दन O Rama, महायशा: illustrious, राजा king, शुन:शेफम् Sunassepha, गृहीत्वा having taken, मध्याह्ने by noon, पुष्करे in the Pushkara, व्यश्राम्यत् rested.
Summary
O Foremost of men, O Delight of the Raghus (Rama) the illustrious king (Ambarisha) took Sunassepha with him. (On the way) at Pushkara he took some rest at noon.
पदच्छेदः
| शुनःशेपं | शुनःशेप (२.१) |
| नरश्रेष्ठ | नर–श्रेष्ठ (८.१) |
| गृहीत्वा | गृहीत्वा (√ग्रह् + क्त्वा) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| महायशाः | महत्–यशस् (१.१) |
| व्यश्राम्यत् | व्यश्राम्यत् (√वि-श्रम् लङ् प्र.पु. एक.) |
| पुष्करे | पुष्कर (७.१) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| मध्याह्ने | मध्याह्न (७.१) |
| रघुनन्दन | रघुनन्दन (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| शु | नः | शे | पं | न | र | श्रे | ष्ठ |
| गृ | ही | त्वा | तु | म | हा | य | शाः |
| व्य | श्रा | म्य | त्पु | ष्क | रे | रा | जा |
| म | ध्या | ह्ने | र | घु | न | न्द | न |