अन्वयः
सर्वे all of you, सुकृतकर्माण: have done virtuous deeds, सर्वे all of you, धर्मपरायणा: are engaged in the observance of righteousness, नरेन्द्रस्य for the king, पशुभूता: becoming sacrificial animals, अग्ने for Agni, तृप्तिम् satisfaction, प्रयच्छत give.
Summary
Engaged in the observance of righteousness, all of you have done virtuous deeds. By becoming sacrificial animals for the king, you may satisfy Agni.
पदच्छेदः
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| सुकृतकर्माणः | सुकृत–कर्मन् (१.३) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| धर्मपरायणाः | धर्म–परायण (१.३) |
| पशुभूता | पशु–भूत (√भू + क्त, १.३) |
| नरेन्द्रस्य | नरेन्द्र (६.१) |
| तृप्तिम् | तृप्ति (२.१) |
| अग्नेः | अग्नि (६.१) |
| प्रयच्छत | प्रयच्छत (√प्र-यम् लोट् म.पु. द्वि.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | र्वे | सु | कृ | त | क | र्मा | णः |
| स | र्वे | ध | र्म | प | रा | य | णाः |
| प | शु | भू | ता | न | रे | न्द्र | स्य |
| तृ | प्ति | म | ग्नेः | प्र | य | च्छ | त |