अन्वयः
राघव O Rama, तत: then, रहस्यस्तुतितर्पित: gratified with secret praise, सहस्राक्ष: Indra, प्रीत: pleased, तदा then, शुन:शेफाय for Sunasepha, दीर्घम् long, आयु: life, प्रादात् gave.
Summary
"O Descendant of Raghu (Rama) Indra, gratified with the secret hymn granted Sunassepha long life.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| प्रीतः | प्रीत (√प्री + क्त, १.१) |
| सहस्राक्षो | सहस्राक्ष (१.१) |
| रहस्यस्तुतितर्पितः | रहस्य–स्तुति–तर्पित (√तर्पय् + क्त, १.१) |
| दीर्घम् | दीर्घ (२.१) |
| आयुस् | आयुस् (२.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| प्रादाच् | प्रादात् (√प्र-दा प्र.पु. एक.) |
| छुनःशेपाय | शुनःशेप (४.१) |
| राघव | राघव (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | प्री | तः | स | ह | स्रा | क्षो |
| र | ह | स्य | स्तु | ति | त | र्पि | तः |
| दी | र्घ | मा | यु | स्त | दा | प्रा | दा |
| च्छु | नः | शे | पा | य | रा | घ | व |