अन्वयः
राम O Rama, तस्य for him, उत्तरे पर्वते on the northern mountains, वर्षसहस्रम् a thousand years, घोरम् fearful, तप: penance, उपासत: while performing, देवतानाम् to devatas, भयम् अभूत् fear arose.
Summary
O Rama while he was performing rigorous penance for a thousand years on the northern mountains, the gods were gripped with fear. (lest he should exceed them).
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| वर्षसहस्रं | वर्ष–सहस्र (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| घोरं | घोर (२.१) |
| तप | तपस् (२.१) |
| उपासतः | उपासत् (√उप-आस् + शतृ, ६.१) |
| उत्तरे | उत्तर (७.१) |
| पर्वते | पर्वत (७.१) |
| राम | राम (८.१) |
| देवतानाम् | देवता (६.३) |
| अभूद् | अभूत् (√भू प्र.पु. एक.) |
| भयम् | भय (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्य | व | र्ष | स | ह | स्रं | तु |
| घो | रं | त | प | उ | पा | स | तः |
| उ | त्त | रे | प | र्व | ते | रा | म |
| दे | व | ता | ना | म | भू | द्भ | यम् |