अन्वयः
राम O Rama, वर्षसहस्रस्य for a thousand years, अनुत्तमम् immense, मौनं व्रतं vow of silence, कृत्वा having observed, अप्रतिमम् unprecedented, परमदुष्करम् extremely difficult, तप: austerities, चकार practised.
Summary
Having observed a unique vow of silence for a thousand years, O Rama he practised unprecedented and extremely difficult austerities.
पदच्छेदः
| मौनं | मौन (२.१) |
| वर्षसहस्रस्य | वर्ष–सहस्र (६.१) |
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ + क्त्वा) |
| व्रतम् | व्रत (२.१) |
| अनुत्तमम् | अनुत्तम (२.१) |
| चकाराप्रतिमं | चकार (√कृ लिट् प्र.पु. एक.)–अप्रतिम (२.१) |
| राम | राम (८.१) |
| तपः | तपस् (२.१) |
| परमदुष्करम् | परम–दुष्कर (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मौ | नं | व | र्ष | स | ह | स्र | स्य |
| कृ | त्वा | व्र | त | म | नु | त्त | मम् |
| च | का | रा | प्र | ति | मं | रा | म |
| त | पः | प | र | म | दु | ष्क | रम् |