अन्वयः
सुरा: O Devatas, भागार्थिन: desiring your share, मे to me, यस्मात् for which reason, भागान् share, नाकल्पयत did not provide, व: your, महार्हाणि highly worthy, वराङ्गाणि beautiful limbs, धनुषा with bow, शातयामि sever.
Summary
'O gods in your anxiety to partake your share of the sacrifie, you have failed to provide mine in the sacrificial offerings. Therefore, I shall sever your jewelled heads and beautiful limbs with this bow'.
पदच्छेदः
| यस्माद् | यद् (५.१) |
| भागार्थिनो | भाग–अर्थिन् (१.३) |
| भागान् | भाग (२.३) |
| नाकल्पयत | न (अव्ययः)–अकल्पयत (√कल्पय् लङ् म.पु. द्वि.) |
| मे | मद् (६.१) |
| सुराः | सुर (८.३) |
| वराङ्गानि | वर–अङ्ग (२.३) |
| महार्हाणि | महार्ह (२.३) |
| धनुषा | धनुस् (३.१) |
| शातयामि | शातयामि (√शातय् लट् उ.पु. ) |
| वः | त्वद् (६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | स्मा | द्भा | गा | र्थि | नो | भा | गा |
| न्ना | क | ल्प | य | त | मे | सु | राः |
| व | रा | ङ्गा | नि | म | हा | र्हा | णि |
| ध | नु | षा | शा | त | या | मि | वः |