पदच्छेदः
| प्रीतियुक्तः | प्रीति–युक्त (√युज् + क्त, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| सर्वेषां | सर्व (६.३) |
| ददौ | ददौ (√दा लिट् प्र.पु. एक.) |
| तेषां | तद् (६.३) |
| महात्मनाम् | महात्मन् (६.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ |
|---|---|---|---|
| प्री | ति | यु | क्तः |
| स | स | र्वे | षां |
| द | दौ | ते | षां |
| म | हा | त्म | नाम् |