अन्वयः
मुनिपुङ्गव O Mighty ascetic, तत: thereafter, सर्वे all, राजान: kings, वीर्यसन्देहम् entertaining doubt about their strength, आगता: have come, परमकोपेन inflammed with anger, मिथिलाम् Mithila, न्यरुन्धन् surrounded.
Summary
O Mighty ascetic, thereafter all the kings doubting their own strength in stringing the bow were inflamed with anger and laid siege on Mithila.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| परमकोपेन | परम–कोप (३.१) |
| राजानो | राजन् (१.३) |
| मुनिपुंगव | मुनि–पुंगव (८.१) |
| अरुन्धन् | अरुन्धन् (√रुध् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| मिथिलां | मिथिला (२.१) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| वीर्यसंदेहम् | वीर्य–संदेह (२.१) |
| आगताः | आगत (√आ-गम् + क्त, १.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | प | र | म | को | पे | न |
| रा | जा | नो | मु | नि | पुं | ग | व |
| अ | रु | न्ध | न्मि | थि | लां | स | र्वे |
| वी | र्य | सं | दे | ह | मा | ग | ताः |