अन्वयः
महामुने O Mighty ascetic, तेषाम् वीर्यवताम् of those mighty kings', वीर्यम् strength, अल्पम् little, ज्ञात्वा after recognising, नृपतय: kings, प्रत्याख्याता: have been rejected, तपोधन O Maharshi, तत् that point, निबोध come to know.
Summary
O great ascetic I knew those mighty kings had little strength, so rejected them.
पदच्छेदः
| तेषां | तद् (६.३) |
| वीर्यवतां | वीर्यवत् (६.३) |
| वीर्यम् | वीर्य (२.१) |
| अल्पं | अल्प (२.१) |
| ज्ञात्वा | ज्ञात्वा (√ज्ञा + क्त्वा) |
| महामुने | महत्–मुनि (८.१) |
| प्रत्याख्याता | प्रत्याख्यात (√प्रत्या-ख्या + क्त, १.३) |
| नृपतयस् | नृपति (१.३) |
| तन् | तद् (२.१) |
| निबोध | निबोध (√नि-बुध् लोट् म.पु. ) |
| तपोधन | तपस्–धन (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | षां | वी | र्य | व | तां | वी | र्य |
| म | ल्पं | ज्ञा | त्वा | म | हा | मु | ने |
| प्र | त्या | ख्या | ता | नृ | प | त | य |
| स्त | न्नि | बो | ध | त | पो | ध | न |