अन्वयः
मुनिश्रेष्ठ O Best among ascetics, तत: afterwards, संवत्सरे when one year, पूर्णे was completed, सर्वश: from every where, साधनानि all means of living, क्षयं यातानि were deteriorated, तत: thereafter, अहम् I, भृशदु:खित: was greatly aggrieved.
Summary
O Best among ascetics thus one year passed. Everywhere in the city all the means of living were exhausted. I felt deeply sad over this situation.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| संवत्सरे | संवत्सर (७.१) |
| पूर्णे | पूर्ण (७.१) |
| क्षयं | क्षय (२.१) |
| यातानि | यात (√या + क्त, १.३) |
| सर्वशः | सर्वशस् (अव्ययः) |
| साधनानि | साधन (१.३) |
| मुनिश्रेष्ठ | मुनि–श्रेष्ठ (८.१) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| ऽहं | मद् (१.१) |
| भृशदुःखितः | भृश–दुःखित (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | सं | व | त्स | रे | पू | र्णे |
| क्ष | यं | या | ता | नि | स | र्व | शः |
| सा | ध | ना | नि | मु | नि | रे | ष्ठ |
| त | तो | ऽहं | भृ | श | दुः | खि | तः |