अन्वयः
भगवन् O Venerable one, ते to you, स्वागतम् अस्तु welcome, अनघ O Sinless one, तव to you, किम् करोमि what shall I do, भवान् you, माम् me, आज्ञापयतु my command, अहम् I, भवता by you, आज्ञाप्य: हि worthy of being commanded.
Summary
"Welcome, O Venerable one O Irreproachable one what can I do for you? Worthy of being commanded, I seek your orders.
पदच्छेदः
| भगवन् | भगवत् (८.१) |
| स्वागतं | स्वागत (१.१) |
| ते | त्वद् (४.१) |
| ऽस्तु | अस्तु (√अस् लोट् प्र.पु. एक.) |
| किं | क (२.१) |
| करोमि | करोमि (√कृ लट् उ.पु. ) |
| तवानघ | त्वद् (६.१)–अनघ (८.१) |
| भवान् | भवत् (१.१) |
| आज्ञापयतु | आज्ञापयतु (√आ-ज्ञापय् लोट् प्र.पु. एक.) |
| माम् | मद् (२.१) |
| आज्ञाप्यो | आज्ञाप्य (√आ-ज्ञापय् + कृत्, १.१) |
| भवता | भवत् (३.१) |
| ह्य् | हि (अव्ययः) |
| अहम् | मद् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भ | ग | व | न्स्वा | ग | तं | ते | ऽस्तु |
| किं | क | रो | मि | त | वा | न | घ |
| भ | वा | ना | ज्ञा | प | य | तु | मा |
| मा | ज्ञा | प्यो | भ | व | ता | ह्य | हम् |