अन्वयः
महात्मना by the magnanimous, जनकेन by Janaka, एवम् thus, उक्त: having been spoken, धर्मात्मा virtuous, वाक्यविशारद: wellversed in speech, स: that, मुनि: ascetic, वीरम् addressing that warrior, वाक्यम् words, प्रत्युवाच replied.
Summary
At the words of the magnanimous Janaka, the virtuous sage wellversed in speech replied to the heroic king:
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तः | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| धर्मात्मा | धर्म–आत्मन् (१.१) |
| जनकेन | जनक (३.१) |
| महात्मना | महात्मन् (३.१) |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मुनिर् | मुनि (१.१) |
| वीरं | वीर (२.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| वाक्यविशारदः | वाक्य–विशारद (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्तः | स | ध | र्मा | त्मा |
| ज | न | के | न | म | हा | त्म | ना |
| प्र | त्यु | वा | च | मु | नि | र्वी | रं |
| वा | क्यं | वा | क्य | वि | शा | र | दः |