अन्वयः
दशरथस्य Dasaratha's, पुत्रौ sons, क्षत्रियौ kshatriyas, लोकविश्रुतौ renowned in the world, इमौ these two, यत् धनु: श्रेष्ठम् that great bow, त्वयि in you, तिष्ठति remaining, एतत् that one, द्रुष्टुकामौ are eager to see.
Summary
Dasaratha's sons, (Rama and Lakshmana), kshatriyas renowned in the world are eager to see that great bow in your possession.
पदच्छेदः
| पुत्रौ | पुत्र (१.२) |
| दशरथस्येमौ | दशरथ (६.१)–इदम् (१.२) |
| क्षत्रियौ | क्षत्रिय (१.२) |
| लोकविश्रुतौ | लोक–विश्रुत (√वि-श्रु + क्त, १.२) |
| द्रष्टुकामौ | द्रष्टु–काम (१.२) |
| धनुः | धनुस् (२.१) |
| श्रेष्ठं | श्रेष्ठ (२.१) |
| यद् | यद् (१.१) |
| एतत् | एतद् (१.१) |
| त्वयि | त्वद् (७.१) |
| तिष्ठति | तिष्ठति (√स्था लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| पु | त्रौ | द | श | र | थ | स्ये | मौ |
| क्ष | त्रि | यौ | लो | क | वि | श्रु | तौ |
| द्र | ष्टु | का | मौ | ध | नुः | श्रे | ष्ठं |
| य | दे | त | त्त्व | यि | ति | ष्ठ | ति |